Happy Mother's Day
Happy Mother's Day - इस दुनिया में कोई भी ऐसा प्राणी नहीं होगा जो कि मां के समान शक्तिशाली हो. हमारी मां हमारे लिए एक ढाल की तरह है जो हर मुसीबत से हमें बचाती है. हमारी मां कभी भी अपनी समस्या किसी दूसरे को नहीं बताती है पर अपने बेटों की समस्या के बारे में सुनते ही वह दौड़े चले आती है मदद करने के लिए. मां को सम्मान देने के लिए हम लोग, मई महीने के दूसरे रविवार को मां के लिए मदर्स डे मनाते हैं. यह दिन हमारे लिए और हमारी मां के लिए बहुत ही महत्व रखता है.
मदर्स डे के दिन हमें अपने मां को खुश रखना चाहिए नहीं देना चाहिए. सभी की मां यही चाहती है कि उनका बेटा या फिर बेटी बड़ा होकर एक अच्छा इंसान बने. मां अपने बच्चों के जिंदगी में एक तरह की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे वह एक अच्छा इंसान के रूप में जन्म ले. एक मा ही है जो अपने बच्चों के चरित्र और पूरे जीवन को आकार देती है. मां बच्चों के उन हर चीजों की परवाह करती है जैसे कि बच्चे सुबह उठे कि नहीं, बच्चे ने खाना खाया या नहीं, बच्चे रात को ठीक से सोया कि नहीं और वह अपने बच्चों की पूरी तरह से जिम्मेदारी मानती है.
हमारी मां सुबह उठती है, अपने बच्चों को ब्रश करने और नहाने में मदद करती है, सुबह नाश्ते और दोपहर के भोजन तैयार करके खिलाती है, हमें वही स्कूल भी छोड़ती है खाने के लिए दूध देती है फल खरीद कर लाती है तो भी देती है, बीमार हो जाने पर दवाइयां देती है प्यार करती और अलग तरह से मदद भी करती है. सही समय पर स्वादिष्ट कई तरह के व्यंजन हमारे कपड़े धोती है और उसे इस्त्री करती है. मदर्स डे मनाने के लिए हमारे साथ मारी मां स्कूल में भी जाती थी और हमारे स्कूल में जो मदर्स डे के प्रोग्राम होती थी उसे हमारे साथ मनाते थे.
इस मनाने के लिए हमारे साथ हमारे शिक्षक भी इसमें बहुत मदद करते थे जैसे भाषण, निबंध, कविताएं वार्ता इत्यादि तैयार करते थे. ईश्वर के आशीर्वाद से हमें प्यारी सी और देखभाल करने वाली मां मिली, मां के बिना हमारा जीवन कुछ भी नहीं है. हम लोग बहुत ही भाग्यशाली हैं कि हमारे पास एक प्यारी सी मां है जो हमें बहुत प्यार करती है.
हमारे लिए बहुत ही खास है, थके होने के बावजूद भी वह हमेशा सोते समय मुस्कुराती और हमें कहानियां सुनाती या फिर लोरी सुनाती. मां हमारे घर के कामों या फिर परीक्षाओं तैयारियां कराने में भी हमारी बहुत मदद करती हैं. वह हमारे स्कूल के ड्रेस का भी ख्याल रखती हैं.
वह हमें यह भी सिखाती है कि खाने से पहले को साफ करना वह हमें नैतिकता, शिष्टाचार और मानवता सिखाती है. पूरे परिवार जैसे कि दादा दादी, चाचा चाची, भाई बहन इन सभी लोगों का अच्छे से ख्याल रखती है, उनसे बहुत प्यार करते हैं.





